Jati ka Vinash: Prasiddha bhashan, Jise Bhimrao Ambedkar ko dene nahi diya (Hindi Edition) por Bhimrao Ambedkar

Jati ka Vinash: Prasiddha bhashan, Jise Bhimrao Ambedkar ko dene nahi diya (Hindi Edition) por Bhimrao Ambedkar

Titulo del libro : Jati ka Vinash: Prasiddha bhashan, Jise Bhimrao Ambedkar ko dene nahi diya (Hindi Edition)
Fecha de lanzamiento : September 27, 2018
Autor : Bhimrao Ambedkar
Número de páginas : 245
Editor : Forward Press

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Bhimrao Ambedkar con Jati ka Vinash: Prasiddha bhashan, Jise Bhimrao Ambedkar ko dene nahi diya (Hindi Edition)

बाबासाहेब डा. आंबेडकर की कालजयी कृति ‘एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट’ का भारत की लगभग सभी भाषाओं में अनुवाद हुआ है. हिंदी में ही इसके अनेक अनुवाद हुए हैं. पर वे काफी हद तक संक्षिप्त हैं. किन्तु, प्रस्तुत अनुवाद, ‘जाति का विनाश’, जिसे यशस्वी पत्रकार राजकिशोर जी ने किया है, इस दोष से मुक्त है. इसमें मूल कृति के एक भी पैराग्राफ को न तो कम किया गया है, और न संक्षिप्त. इस अनुवाद की मुख्य विशेषता यह है, जो अन्य अनुवादों में लगभग नहीं है, कि इसमें उन स्थलों, विद्वानों, ऐतिहासिक घटनाओं, उद्धरणों और धर्मग्रंथों के बारे में, जिनका सन्दर्भ डा. आंबेडकर ने अपने व्याख्यान में दिया है, फुटनोट में उनका विवरण भी स्पष्ट कर दिया गया है. इस अनुवाद में उस पत्राचार और विवाद को भी पूर्णरूप में शामिल किया गया है, जो व्याख्यान को लेकर डॉ. आंबेडकर का संतराम बीए और महात्मा गांधी से हुआ था. एक और विशेषता इस पुस्तक की यह है कि डा. आंबेडकर ‘एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट’ के साथ अपने जिस प्रथम शोधपत्र ‘भारत में जातियां : उनका तंत्र, उत्पत्ति और विकास’ को शामिल करना चाहते थे, राजकिशोर जी ने उसे भी अनुवाद करके इसमें शामिल कर दिया है, जिससे इसका पाठकीय महत्व और भी बढ़ गया है. - कंवल भारती